एक प्यारी मां के लिया प्यारी सी कुछ शायरी। अपनी मां के लिए एक शायरी नही देख सकते आप।
मां के लिए कुछ प्यारी सी शायरी
1.
सीधा साधा भोला भाला में ही सबसे अच्छा हूं।
कितना भी हो जाऊ बड़ा मां में अजभी तेरा छोटा बच्चा हूं।
मां केलिए कोई भी शायरी लिखे काम ही है लेकिन यह एक छोटा सा प्रयास है की मां के लिए हम कुछ अच्छा सा लिख पाए।
2.
मैने बिना मतलब निकाले रिश्ते निभाने वाला इंसान देखा है।
इस जहां में केवल मां ही है जिसकी नजर से मैने यह आसमान देखा है।
— " मेरी मां "
3.
कोई दुआ असर नहीं करती जब तक वो हम पर नजर नहीं रखती।
हम उसकी खबर रखे या ना रखे वो कभी हमे बेखबर नही रखती।
4.
उसको जब भी देखता हूं मेरी मन्नत पूरी हो जाती हैं।
उसमे, उससे, उसपर, ही मेरी दुनिया पूरी हो जाती है।
5.
अगर हम शब्द है तो वो पूरी भासा है ।
मां की बस यही परिभाषा है।
6.
मां बिना जिंदगी वीरान होती है तन्हा सफर में हर रह सुनसान होती है।
जिंदगी में मां का होना जरूरी है मां की दुआ से ही हर मुस्किल आसान होती है।
7.
दूसरो की गोदी में जाता हु रो अनजान हो जाता हूं।
मां नही होती है तब अपने ही घर में मेहमान हो जाता हूं।
8.
किसी ने भगवान को माना तो किसी ने अल्लाह लिखा।
मैने कलम उठाई अदब से और सबसे पहले मां लिखा।
9.
मेरी आखों से पढ़कर वो मुझे जान लेती है ।
एक मां ही है जो मुझसे पहले मुझे पहचान लेती है ।
10.
आखें खोलू तो चेहरा मां का हो ,
आखें बंद होतो सपना मां का हो,
में मार भी जय तो कोई गम नही बस
कफन मिले तो दुपट्टा मेरी मां का हो।

Comments
Post a Comment